Thursday, October 22nd, 2026

बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए नई टीम बनाए सरकार, सत्यपाल मलिक को भी करें शामिल: राकेश टिकैत 

नई दिल्ली
113 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन और सरकार के बीच बातचीत कब से दोबारा शुरूआत होगी, इस बारे में अभी भी अनिश्चितता छाई हुई है। हालांकि दोनों पक्षों ने बातचीत का रास्ता खुला रहने की बात कही है, लेकिन हाल में इसकी कोई गंभीर पहल नहीं हुई है। इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार को प्रस्ताव दिया है कि वह बातचीत तत्काल शुरू करे और इसके लिए मौजूदा टीम में बदलाव करे। उन्होंने सरकार से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक और जेडीयू नेता केसी त्यागी को सरकार की टीम शामिल करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अगर ये लोग मध्यस्थता करेंगे तो न सिर्फ बातचीत का रास्ता खुल सकता है ,बल्कि समाधान का रास्ता भी निकल सकता है। हालांकि सरकार ने अभी इस प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। दरअसल सरकार ने किसान आंदोलन के बीच लगातार दावा किया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही कानून को वापस करने की जिद से भी किसान संगठनों को हटने का आग्रह किया। पिछले दिनों पीएम मोदी ने यह कहकर किसानों से बातचीत का चैनल खोलने की कोशिश की थी कि कृषि मंत्री किसानों से महज एक फोन की दूरी पर हैं और कानून को डेढ़ साल रद्द करने का सरकार का प्रस्ताव अभी भी कायम है। लेकिन इससे भी बातचीत का रास्ता नहीं खुला।

दरअसल 22 जनवरी को वार्ता विफल होने के बाद से लेकर अब तक सरकार और किसानों के बीच कोई बात नहीं हुई है। इससे पहले 12 दौर की बातचीत नियमित अंतराल पर हुई थी। लेकिन 22 जनवरी को सरकार ने भी कह दिया कि कानून को डेढ़ साल तक स्थगित करने के प्रस्ताव के बाद अब इससे आगे कुछ नहीं देंगे। इसपर किसान संगठनों ने भी दो टूक कहा था कि कानून वापसी से कम की शर्त मंजूर नहीं। इसके बाद से ही बातचीत किस तरह शुरू हो इसे लेकर उलझन की स्थिति बनी हुई है। अब एक बार फिर किसानों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए 26 मार्च को किसान संगठनों ने भारत बंद की अपील की है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि होली वाले दिन वे कृषि कानूनों की कॉपी को जलाएंगे। वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान आंदोलन को अपना समर्थन दोहराते हुए कहा कि शहीद हुए अन्नदाताओं के लिए मेरा 2 मिनट का मौन भाजपा को स्वीकार नहीं। अपने किसान-मज़दूर भाइयों के बलिदान को मैं बार-बार श्रद्धांजलि दूंगा। जो मेरे मौन से डरते हैं, मैं उनसे नहीं डरता।
 

 

#Rakesh Tikait

Source : Agency

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